Friday, 22 June 2018

Internet क्या है जानिए A To Z जानकारी हिंदी में

Internet क्या है : नमस्कार दोस्तों इस पोस्ट में आपको Internet क्या है के बारे में बताया जायेगा. Internet प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से कहीं ना कहीं जुड़ा है और बिना Internet के अब यदि कोई काम किया जाये तो यह समय बर्बाद करना होगा. इन्टरनेट केवल समय बचाने ही नहीं बल्कि हमारी बहुत सी सहायता करता है फिर चाहे वह Education, Office, Job या कोई भी क्षेत्र हो सभी जगह इन्टरनेट की मांग है.

बहुत से लोग अपना आधे से ज्यादा समय इन्टरनेट पर Whats App Facebook, Twitter या और भी Social Media को उपयोग करने में बर्वाद कर देते है लेकिन बहुत से लोग इसी इन्टरनेट का उपयोग किसी बेहतर काम को करने के लिए करते है जिससे उन्हें फायदा होता है. इन्टरनेट कैसे चलाये यह तो ज्यादातर लोगो को आता है लेकिन Internet क्या है यह बहुत कम लोगो को पता होता है.
इन्टरनेट को हिंदी में अंतरजाल या संगणकजाल भी कहते है. किसी Server पर दो या दो से अधिक Computer के बिच सुचना का आदान प्रदान करने के माध्यम को इन्टरनेट कहा जाता है इसमें बहुत से Computer एक Network में जुड़कर काम करते है

Internet क्या है

इन्टरनेट को हिंदी में अंतरजाल या संगणकजाल भी कहते है. किसी Server पर दो या दो से अधिक Computer के बिच सुचना का आदान प्रदान करने के माध्यम को इन्टरनेट कहा जाता है इसमें बहुत से Computer एक Network में जुड़कर काम करते है. इसे आसान सी भाषा में समझा जाये तो यह Computer का जाल है जिससे पूरी दुनिया के सभी Computer एक साथ जुड़े है. जब भी कोई User अपने Computer को इन्टरनेट से जोड़ता है तो वह भी इन्टरनेट के इस जाल में शामिल हो जाता है.


Internet का इतिहास

Internet क्या है यह तो आपको पता चल गया होगा अब इसके इतिहास के बारे में जानते है 1969 में अमेरिका के रक्षा विभाग ने एक Project शुरु किया जिसका नाम था अर्पानेट. इसका उदेश्य था अमेरिकी रक्षा विभाग और विश्वविद्यालय के Computer को आपस में जोड़ना जिससे वैज्ञानिक, विधार्थियो, इंजिनियर और शोधकर्ताओं के बिच जुड़े सभी Computer में जानकारी को आदान प्रदान आसानी से किया जा सके.

इसके बाद 1980 में नेशनल साइंस फाउंडेशन ने एक नया Network बनाया जिसका नाम था NSFnet और यह शैक्षिक और इंजिनियर शोध के लिए बनाना गया था लेकिन यह अर्पानेट से अधिक क्षमता का था. इसमें केवल शोधकर्ताओं को जोड़ा गया था इसके आलावा इसमें दुसरे क्षेत्र को जुड़ने की अनुमति नहीं थी.

NSFnet की अच्छी सुविधाओं के कारण बहुत सी Private Company ने भी अपने-अपने Network बनाना शुरु किया और बाद में यह सभी अर्पानेट और NSFnet से जुड़ गए और इस तकनीक को Inter- Networking कहा जाता था जिससे बाद में इसे Internet नाम दे दिया गया.

अर्पानेट को 1990 में बंद कर दिया गया और 1995 में NSF net को सरकारी समर्थन मिलना बंद हो गया था लेकिन बहुत सी Company की इन्टरनेट सेवाएं शुरु हो गयी थी जिस कारण इन्टरनेट काम करता रहा. जिससे बाद में इसमें बहुत सी सेवाएं जुडी और इसका विस्तार हुआ जिससे इसका उपयोग करने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी.

Internet कैसे काम करता है

इन्टरनेट जिस Network पर आधारित है उसे क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर (Client Server Architecture) कहते है इसमें Computer को Client कहा जाता है जो किसी Server से इन्टरनेट के माध्यम से जुड़ा होता है इन Server पर Website Store होती है जिस कारण इसे Web Server भी कहा जाता है.

इन्टरनेट को नेटवर्कों का नेटवर्क कहा जाता है क्योंकि इसमें किसी User को सीधे इन्टरनेट से ना जोड़कर पहले छोटे-छोटे नेटवर्क से जोड़ा जाता है और यह Network Getway की सहयता से Internet के Backbone से जोड़े जाते है. इसमें Getway का काम दो अलग अलग Network को एक साथ जोड़ने का होता है.

जब भी कोई User किसी जानकारी को दुसरे User को भेजता है तो वह जानकारी एक साथ ना जाकर छोटे-छोटे भागों में अलग भेजी जाती है जिसे Packet कहा जाता है यह Packet अलग अलग भेजे जाते है और बाद में इन्हें एक साथ जोड़ कर पूरी जानकारी बना दी जाती है. यह Process इस तरह होती है-

Internet को चलाने के लिए कुछ नियम बनाये गये है जिन्हें Protocol कहा जाता है जो दो तरह के होते है TCP और IP

TCP (Transmission Control Protocol)

जब भी कोई Data एक Computer से दुसरे Computer में भेजा जाता है तो उस Data को Packet में बांटने का काम TCP का होता है और बाद में इन्हें जोड़ने का काम भी करता है.

IP (Internet Protocol)

इसका काम TCP के द्वारा Data को अलग-अलग हिस्सों में रखकर बनाये गए Packet को प्राप्तकर्ता User तक पहुँचाने का होता है यह Data को User तक पहुँचाने के लिए Address Provide करवाता है.

Internet का मालिक कौन है

Internet पर किसी Company या सरकार का अधिकार नहीं है क्योंकि इसका मालिक कोई नहीं है यह बहुत से संगठनो के द्वारा संभाला जाता है लेकिन उनका भी इस पर कोई अधिकार नहीं है. इसको सँभालने वाले कुछ संगठन यह है :

IAB (Internet Architecture Board)

इसका काम मानको को स्वीकृति देने और User के लिए साधनों की पूर्ति करना है.

Inter NIC

यह इन्टरनेट समूहों को पंजीकरण करने का काम करता है.

IETF (Internet Engineering Task Force)

यह इन्टरनेट को चलाने और तकनिकी समस्याओं की जांच करने का काम करता है.

बड़ी बड़ी Compnay जैंसे Google, Microsoft, Facebook के द्वारा Internet Provide करने के लिए पुरे Word में समुद्र में Internet Cable बिछाई गई है जिसके कारण सभी लोग पूरी दुनिया से एक साथ जुड़े है इन Cable को Submarine Cable भी कहा जाता है और यह सभी केबल समुद्र से होकर गुजरती है. आप पूरी दुनिया में बिछे इस Submarine Cable के जाल को Submarine Cable Map की Website पर देख सकते है.

दुनिया का 99%  Communication, Internet Speed, Internet Connection, Data Transfer सभी इन Cable के माध्यम से होता है. Submarine Cable को समुद्र में 1 km तक की गहराई तक बिछाया जाता है.

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Internet के फायदे

  • इन्टरनेट का उपयोग किसी Data या जानकारी को दुनिया के किसी भी जगह पर Online भेजने के लिए किया जाता है जिससे समय की बचत हो जाती है.
  • इन्टरनेट की सहयता से हम दुनिया में क्या चल रहा है की खबर ले सकते है.
  • इन्टरनेट पर कोई भी व्यक्ति अपना मनोरंजन कर सकता है.
  • इन्टरनेट की सहायता से कोई भी व्यक्ति अपना व्यापार Online माध्यम से कर सकता है जिसे E-Commerce कहा जाता है.
  • इन्टरनेट हमें किसी एक क्षेत्र से ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से जोड़े रखता है.
  • यदि हमारे पास इन्टरनेट है तो हम अपने काम की जानकारी चाहे वह Job, Education, Office, Company या सरकार से सम्बंधित हो, को आसानी से अपने Computer पर प्राप्त कर सकते है.
  • इन्टरनेट केवल Text ही नहीं बल्कि Audio या Video संदेश भेजने की सुविधा भी देता है.
  • इन्टरनेट से Online Banking, Payment, Shopping, Ticketing की जा सकती है.
  • इन्टरनेट पर घर पर बैठकर पैसे कमाए जा सकते है. 

Internet का नुक्सान

  • इन्टरनेट पर कोई भी User पूरी दुनिया से जुड़ा है और यहाँ बहुत से लोग Fraud काम करते है जिससे किसी ना किसी User को इस Fraud काम से नुक्सान पहुँचता है.
  • इन्टरनेट पर आपको ऐंसी जानकारी भी मिल जाती है जो किसी व्यक्ति को बिगाड़ने का काम करती है.
  • इन्टरनेट  की सहयता से कोई भी अपराधी, आतंकवादी अपने काम को अंजाम दे सकता है.
  • इन्टरनेट पर भेजे गए Data या Server पर Store Data को चुराया जा सकता है.
  • आजकल इन्टरनेट का उपयोग ज्यादातर Massaage, Chat में अधिक किया जाता है जो Time बर्बाद करने का कारण बन जाता है.
  • इन्टरनेट से Computer पर Virus, Malware, Malicious आने का खतरा भी होता है जो Computer में डाटा को चुराने के साथ साथ Computer को नुक्सान भी पहुंचा सकता है.
  • Internet पर यदि Fake News आती है तो वह जल्दी फ़ैल जाती है.



Internet का उपयोग कैसे करे

इन्टरनेट उपयोग करने के लिए हमारे पास ऐंसा Device होना जरूरी है जो इन्टरनेट को Support करता हो जैंसे - Computer या Mobile Device. यदि आप Computer में इन्टरनेट का उपयोग करना चाहते है तो यहाँ पर आप दो Type से इन्टरनेट का उपयोग कर सकते है पहला आप किसी Internet Providers Company का WiFi Connection ले सकते है जिससे आप अपने Computer पर Wifi का उपयोग कर इन्टरनेट का उपयोग कर सकते है.
दूसरा आप Telephone Line Connection लेकर भी अपने Computer पर इन्टरनेट का उपयोग कर सकते है
जिसमे आपको Telephone Connection के साथ-साथ Modem लगाना होगा.

Mobile पर Internet चलाने के लिए सबसे पहले आपको यह पता होना जरूरी है की आपका Phone Internet Support करता है या नहीं इसके बाद आप अपने Sim Card पर Data Pack Recharge कर Internet का उपयोग कर सकते है.

Internet से जुड़े कुछ शब्द 

WWW

WWW का पूरा नाम World Wide Web है यह किसी Website Url के शुरु में लगा होता है. इसका उपयोग केवल इन्टरनेट में Website के Address में किया जाता है.

URL

Url का पूरा नाम Uniform Resource Locator है यह Website का Address होता है जिससे Website को पहचाना जाता है जैंसे www.hindiahelp.com इसकी सहायता से Website तक पंहुचा जाता है.

Home Page

किसी Website का एक मुख्य Page होता है जिसे Home Page कहते है Home Page से Website के सभी Web Page जुड़े होते है किसी भी Website का Home Page Website की Url को Open करने से देख सकते है. Home Page का Url Website के Domain Name तक ही होता है.

Web Page

बहुत से Wep Page मिलकर एक Website को बनाते है Web Page एक ऐंसी File होती है जिसमे जानकारी Store होती है जब भी आप Internet पर कुछ Search करते है तो आपको जो भी Result Show होते है उसमे से ज्यादातर Web Page होते है.

Website

यह एक प्रकार की File होती है जो Server पर Store होती है इस पर Data Store रहता है और वह Data Text, Image या Video Audio के रूप में होता है, Website तक पहुंचे के लिए Website Address की जरूरत होती है.

Upload

किसी File को Computer से Server पर भेजने की प्रक्रिया को Upload कहा जाता है. इससे आपकी File की एक Copy Server पर Show होने लगती है.

Download

कोई भी जानकारी जब Web Server पर होती है और आप यदि उस Data को अपने Computer में लेना चाहते है तो यहाँ उस Data को Download करने की जरूरत पड़ती है जिससे Data की एक Copy आपके Computer पर आ जाती है.

Browser

Server पर बहुत सी Website होती है जिन तक पहुँचने के लिए आपको किसी Browser की जरूरत होती है यह एक Software होता है जो आपको Intenet Connection मिलने पर Server से जोड़ता है.

Domain

Domain एक प्रकार का Website Address होता है जो यह बताता है की Website किस Country या किस Sector से जुडी है. जैंसे - .com, .net, .in, .uk, .edu, .gov.

Search Engine

Internet पर किसी भी जानकारी को पाने के लिए Search Engine की जरूरत पड़ती है जैंसे Google, Yahoo, Bing. इन सभी Search Engine का इस्तेमाल करने के लिए आपको Web Browser की जरूरत होती है.
उम्मीद है की आप Internet क्या है इस Post को पढ़कर बहुत कुछ समझने को मिला होगा और अब आपको Internet क्या है की पूरी जानकारी मिल गई होगी इस Post पर आप अपना View रखने के लिए Comment कर सकते है यदि यह Post आपको सही लगी तो आप इसे Social Media पर Share कर सकते है.

2 comments:

  1. Bhai aap bahut hi badhiya post share karte ho.Aapne internet ke bare me bahut hi badhiya bateye ho

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