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Mutual Fund क्या है – इसमें निवेश करने से लेकर, यह कितना सुरक्षित है की पूरी जानकारी

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है/ What is Mutual Fund in Hindi
Written by Anoop Bhatt

What is Mutual Fund in Hindi : बहुत से लोग अपने पैसे को बैंक या FD में या इसी तरह से बहुत सी जगह इन्वेस्ट करते है. इस इन्वेस्ट को करने से फायदा यह होता है की इसमें जमा किये गए रूपये पर अच्छा रिटर्न दिया जाता है जिससे फायदा होता है, लेकिन यदि बात आती है की पैसे को बैंक, FD या इसके आलावा कहाँ इन्वेस्ट किया जाये तो म्यूच्यूअल फंड्स भी यहाँ पर एक आप्शन आता है, लेकिन जब किसी यूजर को इसके बारे में यह पता चलता है की इसमें रिस्क भी हो सकता है तो इस बात से हर कोई डर जाता है.म्यूच्यूअल फण्ड क्या है/ What is Mutual Fund in Hindi

म्यूच्यूअल फंड्स पैसे कमाने का एक अच्छा तरीका है और इसके बारे में आपने कही न कही जरूर सुना होगा क्योंकि जो भी इसके बारे में जानता है वह इसका उपयोग भी करना चाहता है, बहुत से लोग जानते भी होगे की इसमें निवेश किया जाता है और इस बात को लेकर वह डर कर इसमें  निवेश करने से बचते भी है, क्योंकि वह सोचते है की ऑनलाइन इस तरह सभी मेथड बेकार या फ्रॉड होते है.

यदि म्यूच्यूअल फण्ड की बारीकियों पर ध्यान दिया जाये जैसे म्यूच्यूअल फंड्स क्या है / what is mutual fund, यह कैसे काम करता है, यह किस प्रकार से सुरक्षित है, इससे क्या फायदा है, म्यूच्यूअल फण्ड में कहाँ निवेश करे और इसमें कैसे निवेश किया जाये तो इसके बाद कोई भी यूजर एक ऐंसा निवेश करने में सफल होगा जो उसे फायदा देगा, या इसी तरह की बहुत सी जानकारी को जानने के बाद ही कोई यह जान सकता है की म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करना सही है या नहीं.

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है/ What is Mutual Fund in Hindi

Mutual Fund एक ऐंसा फण्ड होता है जिसमे बहुत से निवेशकों का पैसा एक फंड में रखा जाता है, यह फण्ड किसी Asset Management Company का होता है, इस फण्ड का उपयोग कम्पनी के द्वारा किसी बड़ी कम्पनी के स्टॉक को खरीदने में निवेश किये जाते है और इससे प्रॉफिट लेकर निवेशकों को प्रॉफिट के साथ वापस दिया जाता है, कोई भी निवेशक 100 रूपये से कम या इससे ज्यादा का भी निवेश म्यूच्यूअल फण्ड में कर सकता है.

निवेश के लिए निवेशको को यह सब जानकारी होना जरूरी है की कितने समय तक निवेश करने पर आपको कितना प्रॉफिट होगा और यदि हानि होती है तो कितनी हानि होने की सम्भावना हो सकती है, और इन सभी बातों को ध्यान में रखकर निवेशक एक अच्छी स्कीम के तहत निवेश कर सकता है.

म्यूच्यूअल फण्ड में ऐंसा भी नहीं है की आप आज रूपये लगाते है तो आपको कल प्रॉफिट हो जायेगा इसमें आपको लम्बे समय तक निवेश करने के बारे में सोचना चाहिए तभी आपको अच्छा प्रॉफिट हो सकता है. यदि म्यूच्यूअल फंड्स प्रॉफिट की बात की जाये तो प्रॉफिट के लिए यहाँ पर टाइम और रिस्क पर भी नजर रखना शामिल है क्योंकि जितना ज्यादा टाइम आप देंगे आपको उतना अधिक फायदा होगा और जितना ज्यादा फायदा होने की बात होती है उसमे उतना रिस्क भी बढ़ जाता है.

म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार : Types of Mutual Funds

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने से पहले यह जानकारी भी होनी जरूरी है की Mutual Fund फण्ड कितने प्रकार के होते है, भारत में यदि Mutual Fund की बात की जाये तो यहाँ आपको इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund), डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund), बैलेंस म्यूचुअल फंड (Balanced Mutual Fund), सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड (Solution Oriented Mutual Fund ) यह चार प्रकार के म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने की सुविधा मिलती है.

इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund) : इस फण्ड में निवेश डायरेक्ट शेयर को खरीदने में किया जाता है, जिस कारण इसमें नुकसान होने का खतरा भी अधिक होता है लेकिन इसके साथ साथ यहाँ पर सबसे ज्यादा रिटर्न रेट भी दिया जाता है, इस फण्ड में आपको इंडेक्स फण्ड Index Fund, सेक्टोरल फंड Sectoral Fund, ईएलएसएस फण्ड ELSS Fund, मिड कैप स्माल कैप फंड और डाइवर्सिफाइड फंड यह सभी स्कीम मिलती है,

डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund) : 5 साल से कम समय के लिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह फण्ड सही है इसमें फण्ड का उपयोग सरकारी बांड या किसी निश्चित आय में निवेश करने के लिए किया जाता है, जिस कारण यहाँ पर निवेश करना रिस्क को कम कर देता है, लेकिन इसमें रिटर्न रेट भी बहुत कम दिया जाता है.

बैलेंस म्यूचुअल फंड (Balanced Mutual Fund) : इस फण्ड का निवेश इक्विटी म्यूचुअल फंड और डेट म्यूचुअल फंड दोनों के लिए किया जाता है, जिस कारण यहाँ पर निवेश करने से रिस्क कम व प्रॉफिट अधिक होता है, यहाँ पर इक्विटी फंड में निवेश आय को बढाने में और डेट फंड आय में स्थिरता लाने में मदद करता है.

सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड (Solution Oriented Mutual Fund ) : यह फण्ड उन लोगो के लिए है जो कम से कम 5 वर्ष तक का निवेश करना चाहते है. इसके साथ ही इसमें रिटायर्मेंट, शिक्षा या इसी तरह किसी फिक्स क्षेत्र में फायदा देने वाली स्कीम दी जाती है.

म्यूचुअल फंड कितने सुरक्षित हैं / How safe are mutual funds

Mutual  Fund को लेकर बहुत से लोग इस बात से डरते है की क्या म्यूच्यूअल फण्ड निवेश के लिए सुरक्षित है या नहीं, क्योंकि निवेश करने के बहुत से तरीके तो मिल जाते है लेकिन इसमें ग्राहकों को कम्पनी के द्वारा फ्रॉड किये जाने का खतरा भी होता है लेकिन म्यूच्यूअल फण्ड में इस तरह का खतरा नहीं है क्योंकि Mutual Fund SEBI ( भारतीय प्रतिभूति और बिनियम बोर्ड / सिक्यूरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़  इंडिया ) के अंतर्गत पंजीकृत है.

SEBI का काम निवेशको के हितों की रक्षा करना है, मतलब निवेशकों के द्वारा जो भी पैसा निवेश किया जाता है इसको सुरक्षित रखने का काम SEBI का है, और Mutual Fund में जो भी कम्पनी काम करती है उन सभी पर सेबी नजर रखती है की कही कम्पनी के द्वारा निवेशकों के साथ कोई फ्रॉड तो नहीं किया जा रहा है. Mutual Fund में जितनी भी कम्पनी होती है वह सभी सेबी के नियम के अनुसार ही काम करती है. जिस कारण कम्पनी का फ्रॉड करना ना के बराबर होता है.

म्यूच्यूअल फण्ड कैसे काम करता है

म्यूच्यूअल फण्ड में जितनी भी कम्पनी होती है यह सभी Asset Management Company होती है, जिनका अपना एक फण्ड होता है. इस फण्ड में निवेशकों को एक स्कीम के तहत फण्ड में रूपये जमा करने होते है. जब भी बहुत से निवेशक छोटी छोटी पूजी के रूप में इस फंड में जमा करते है तो इससे कम्पनी के फण्ड में बहुत से रूपये जमा हो जाते है.

Asset Management Company अपने Fund Manager की सलाह पर इन सभी रूपये को अलग अलग बड़ी कम्पनी के स्टॉक खरीदने में या किसी दुसरे इन्वेस्ट के लिए लगा देती है. यहाँ पर फण्ड मेनेजर के द्वारा इस बात का ध्यान रखा जाता है की किस कंपनी के शेयर कब बढेंगे और कब कम होंगे और इसी तरह निवेश से जुडी सभी जानकारी को एनालिसिस करने के बाद ही फण्ड मेनेजर इन रुपयों को इन्वेस्ट करता है.

जब भी किसी कम्पनी के शेयर वैल्यू कम होती है तो इससे फण्ड मनेजर को प्रॉफिट नहीं होता है लेकिन जिस कम्पनी से फण्ड मेनेजर को प्रॉफिट होता है उस रूपये से सभी हानि को मैनेज किया जाता है, और अपने पैसे रिटर्न कर लेती है इसमें से २% से लेकर 3% तक का चार्ज Asset Management Company अपने चार्ज के रूप में काट लेती है और बाकि रूपये निवेशको को प्रॉफिट के साथ वापस कर देती है.

म्यूच्यूअल फंड्स में कहाँ निवेश करे

यदि Mutual Fund में निवेश करना पड़े तो इस बात की जानकारी का होना भी बहुत जरूरी है की म्यूच्यूअल फण्ड के क्षेत्र में बहुत सी AMC कम्पनी है जो म्यूच्यूअल फण्ड की सुविधा उपलब्ध करवाती है, लेकिन इनमे से कौन सी कम्पनी सही है यह जानने के बाद ही Mutual Fund में यदि निवेश किया जाये तो सही रहेगा.

Mutual Fund में, रिलाइंस, टाटा, विरला, ICICI Bank या इसी तरह से बहुत सी बड़ी बड़ी कम्पनी या बैंक के फण्ड होते है जिनमे यूजर को निवेश करने की सुविधा दी जाती है, इन सभी कम्पनी के यदि return रेट की बात की जाये तो इनमे 4% से लेकर 30% तक का return रेट दिया जाता है, और यदि रिस्क की बात की जाये तो इसमें आपको कुछ फण्ड भी मिल सकते है जिनमे 0% का रिस्क हो.

किसी भी स्कीम के रिटर्न रेट, प्रॉफिट, रिस्क, टाइम इन सभी पॉइंट को ठीक से एनालिसिस करने के बाद ही आप अपने लिए एक बेस्ट स्कीम सर्च कर सकते है, कुछ स्कीम आपको बताई जा रही है जिन्हें आप अच्छी तरह से एनालिसिस कर निवेश कर सकते है-

  • Large Cap Fund : ICICI Prudential Bluechip Equity Fund – 3 year/Return Rate 17.0%
  • ELSS Fund : आदित्य बिरला टैक्स रिलीफ 96 – 3year/Return Rate 16.8%
  • Multi cap Fund : Motilal Oswal Multicap 35 Fund – 3year/Return Rate 17.6%
  • Multi Cap Fund : SBI Magnum – 3year/Return Rate 16.9%

म्यूच्यूअल फंड्स में कैसे निवेश करे

Mutual Fund में निवेश करने के लिए निवेशको को ऑनलाइन और ऑफलाइन दो तरीके से निवेश करने की सुविधा मिलती है, अब आपके लिए बेटर क्या है यह आपको ही डिसाइड करना है, ऑफलाइन म्यूच्यूअल फण्ड को खरीदने के लिए आपको सम्बंधित कम्पनी के ऑफिस में संपर्क करना होगा और सम्बंधित एजेण्ड के माध्यम से आप Mutual Fund खरीद सकते है.

ऑनलाइन म्यूच्यूअल फण्ड को खरीदने के लिए आपको ऑनलाइन बहुत सी वेबसाइट या एप्लीकेशन मिल जाते है आप एंड्राइड मोबाइल के लिए Groww App Download कर सकते है. आप फण्ड रिलेटेड कम्पनी की ऑफिसियल वेबसाइट को भी विजिट कर म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने की जानकारी ले सकते है.

म्यूच्यूअल फंड्स से क्या फायदा है

Mutual Fund में निवेश हमें बहुत से फायदा देता है इससे क्या फायदे है की जानकारी आपको आगे दी जाने वाली है –

  • आप जिस भी फण्ड में अपने रूपये निवेश करते है तो यह फण्ड किसी Asset Management Company  का होता है जो इस फण्ड को कम्पनी किसी प्रोफेशनल फण्ड मेनेजर की देखरेख में निवेश करती है जिस कारण आपके रूपये का सही जगह उपयोग कर फायदा कमाया जाता है.
  • म्यूच्यूअल फण्ड सभी निवेशकों को छोटी छोटी यूनिट के साथ निवेश करने की सुविधा देता है मतलब यदि किसी व्यक्ति के पास निवेश करने के लिए अधिक रूपये नहीं है तो उसके लिए भी म्यूच्यूअल फण्ड में कम निवेश करने की भी स्कीम मिलती है जिसमे कम रूपये से भी निवेश कर प्रॉफिट कमाया जा सकता है.
  • इसमें निवेशकों को रूपये लगाने के बाद कुछ नहीं करना होता है इसके बाद जो भी काम होगा वह सब फण्ड मेनेजर की देखरेख में होता है.
  • म्यूच्यूअल फण्ड के लिए रजिस्टर कम्पनी सेबी के अंतर्गत काम करती है मतलब कम्पनी सेबी (भारतीय प्रतिभूति और बिनियम बोर्ड) के बनाये गए नियमो के अनुसार काम करती है, जिससे निवेशकों को कम्पनी के द्वारा किसी प्रकार का धोखा देने कुछ गलत करने जैसी घटनाओं देखने को नहीं मिलती है, या आप कम्पनी के खिलाप भी सेबी को रिपोर्ट कर सकते है, किसी भी कम्पनी में निवेश करने के लिए निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की जिस कम्पनी में निवेश किया जा रहा है क्या वह सेबी में रजिस्टर है या नहीं.
  • म्यूच्यूअल फण्ड निवेशकों को कम रिस्क या नो रिस्क के साथ भी फायदा कमाने की सुविधा देता है, इसमें आपको बहुत सी ऐंसी स्कीम भी मिलेगी जो बिना किसी रिस्क के आपको फायदा दे रही होगी.
  • कोई भी निवेशक जब किसी सेक्टर में निवेश करता है तो उसे टेक्स भी देना होता है लेकिन म्यूच्यूअल फण्ड में टेक्स में निवेशकों को छूट दी जाती है. जिससे निवेशकों का टेक्स में खर्च होने वाला पैसा सेव रहता है.
  • म्यूच्यूअल फण्ड के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों प्रकार से निवेश करने की सुविधा मिलती है आप इन दोनो मेथड में जिस भी प्रकार से निवेश करना चाहते है कर सकते है.
  • यदि म्यूच्यूअल फायद को डायरेक्ट शेयर खरीदने से तुलना की जाये तो ज्यादातर लोग डायरेक्ट किसी कम्पनी के शेयर नहीं  खरीद सकते है क्योंकि इसके लिए बहुत अधिक रूपये की जरूरत के साथ साथ शेयर मार्किट का नॉलेज होना भी जरूरी है तभी आप डायरेक्ट शेयर खरीद कर फायदा कमा सकते है लेकिन म्यूच्यूअल फण्ड में आपको अधिक रूपये की जरूरत और शेयर मार्किट का ज्ञान भी नहीं है तो आप म्यूच्यूअल फण्ड के जरिये शेयर मार्किट में इन्वेस्ट कर सकते है.

म्यूच्यूअल फण्ड में रिस्क कितना है

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने पर प्रॉफिट के साथ साथ रिस्क होने का खतरा भी हो सकता है लेकिन इसमें रिस्क डायरेक्ट शेयर बाजार में निवेश करने से कम है क्योंकि इसमें बहुत से निवेशक निवेश करते है और यदि कोई रिस्क होता है तो यह सभी निवेशक के निवेश में समान बांटता है जिसे निवेशकों को रिस्क होने का खतरा एक हद तक कम हो जाता है लेकिन फिर भी म्यूच्यूअल फण्ड जोखिमो के अधीन आता है.

रिस्क को कम करने के लिए SIP में निवेश किया जाता है क्योंकि यहाँ पर बहुत कम रिस्क होता है, इसके आलावा लम्बी अवधि के लिए निवेश करना, अलग अलग कम्पनी में निवेश करना चाहिए मतलब आप जो भी रूपये निवेश कर रहे है उसे किसी एक स्कीम में ही ना लगाये बल्कि इसे अलग अलग स्कीम में बांटे.

Note: इस आर्टिकल में दी गयी जानकारी का मकसद केवल म्यूच्यूअल फंड्स की जानकारी देना था, इसमें निवेश करना है या नहीं यह आपके ऊपर निर्भर करता है.

उम्मीद है की म्यूच्यूअल फंड्स क्या है / What is Mutual Fund in Hindi और इससे निवेश से लेकर सभी जानकारी आपको मिल चुकी होगी, इस जानकारी से सम्बंधित किसी भी सवाल के लिए आप कमेंट कर सकते है, यदि यह जानकारी आपको पसंद आये तो इस अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर भी जरूर शेयर करे.

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Anoop Bhatt

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अनूप भट्ट है और मैं उत्तराखंड (India) से हूँ. इस website पर आपको Blogging, Mobile, Internet, Computer, Important Website, और Earn Money से Related Topics की पूरी जानकारी दी जाती है. अगर आपको इस Site के बारे में More Information चाहिए तो यहां Click करें.....

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